एंटीबॉडी बढ़ाने में अब तक उम्मीद पर खरी उतरी mRNA-1273 ; 30 हजार लोगों पर तीसरे चरण का ट्रायल 27 जुलाई से

  • मॉर्डना के सीईओ स्टीफेन बेंसेल के मुताबिक, ट्रायल पूरे होते ही बड़े स्तर पर होगा वैक्सीन का उत्पादन
  • कम्पनी ने भरोसा जताया कि वैश्विक स्तर पर महामारी से निपटने में हम लोगों की मदद करेंगे

दैनिक भास्कर

Jul 15, 2020, 12:33 PM IST

अमेरिकी फार्मा कम्पनी मॉर्डना 27 जुलाई से वैक्सीन (mRNA-1273) के तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल शुरू करेगी। कम्पनी के मुताबिक, ट्रायल के दौरान देखा जाएगा कि वैक्सीन दुनियाभर के कोरोना पीड़ितों को वायरस से सुरक्षित रख पाएगी या नहीं। ट्रायल के तीसरे चरण की घोषणा तब की गई है जब यह साफ हो गया कि वैक्सीन सुरक्षित है और यह शरीर में एंटीबॉडी का स्तर बढ़ाती है। कम्पनी ने दूसरे चरण का ट्रायल मई में किया था जो सफल रहा। अब अगला ट्रायल बड़े स्तर पर करने की तैयारी कर रही है। इसमें 30 हजार वॉलंटियर शामिल होंगे। 

वॉलंटियर्स को 100 माइक्रोग्राम की डोज दी जाएगी

मॉर्डना के सीईओ स्टीफेन बेंसेल के मुताबिक, वैक्सीन के पहले चरण के परिणामों ने हमे अगले फेज की तैयारी के लिए उत्साहित किया है। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि ट्रायल पूरे होते ही इसका उत्पादन बड़े स्तर पर होगा ताकि वैश्विक महामारी से निपटने में हम लोगों की मदद कर सकें। 
कम्पनी के मुताबिक, तीसरे चरण में शामिल होने वाले 30 हजार वॉलंटियर्स को आधे-आधे दो समूहों में बांटा जाएगा। 50 फीसदी लोगों को वैक्सीन का 100 माइक्रोग्राम का डोज दिया जाएगा। वहीं, अन्य 50 फीसदी को सामान्य ट्रीटमेंट दिया जाएगा। 

पहले ट्रायल की 5 बड़ी बातें

  • कम्पनी के मुताबिक, mRNA-1273 नाम का यह वैक्सीन जिस कैंडिडेट को दिया गया था, उसके शरीर में केवल मामूली दुष्प्रभाव देखे गए और वैक्सीन का प्रभाव सुरक्षित और सहनीय पाया गया।
  • वैक्सीन पाने वाले कैंडिडेट्स का इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने में कोविड-19 से रिकवर हो चुके मरीजों के बराबर या उनसे ज्यादा ताकतवर पाया गया। मॉर्डना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि वे इससे बेहतर डेटा की उम्मीद नहीं कर सकते थे। 
  • मॉर्डना ने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड पाने से लेकर उसका इंसानों में ट्रायल तक का सफर मात्र 42 दिनों में पूरा कर लिया। यह भी पहली बार हुआ कि जानवरों से पहले इंसानों में ट्रायल शुरू कर दिया गया था।
  • 16 मार्च को सिएटल की काइज़र परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में सबसे पहले यह वैक्सीन दो बच्चों की मां 43 वर्षीय जेनिफर नाम की महिला को लगाया गया। पहले ट्रायल में 18 से 55 वर्ष की उम्र के 45 स्वस्थ प्रतिभागी शामिल किए गए थे। इनमें से शुरू में eight को ये वैक्सीन लगाया गया था।
  • मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी टाल जकस के मुताबिक, ट्रायल के शुरुआती चरण में ऐसे साइड-इफेक्ट्स थे जो कई वैक्सीन के लिए आम होते हैं, जैसे – कुछ लोग इंजेक्शन की जगह पर लालिमा और ठंडेपन का अनुभव करते हैं। इन आंकड़ों ने हमारे विश्वास को पुष्ट किया कि mRNA-1273 में कोविड -19 को रोकने की क्षमता है।

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