WHo Corona News; World Health Organization (WHO) Says Food or its packing doesn’t unfold the Coronavirus (COVID-19) infectious illness | भोजन या उसकी पैकिंग से कोविड-19 नहीं फैलता, इससे डरने की जरूरत नहीं; चीन में ऐसा मामला मिलने पर WHO ने दिया बयान

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जेनेवा5 मिनट पहले

  • महामारी विशेषज्ञ मारिया वेन के मुताबिक, चीन ने पैकेजिंग के सैकड़ों टेस्ट किए, इस दौरान 10 से भी कम पैकेज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई
  • हाल ही में चीन ने ब्राजील से भेजे गए फ्रोजन चिकन के पंख में कोरोनावायरस मिलने का दावा किया था, जिसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है, भोजन या उसकी पैकिंग से कोरोना वायरस नहीं फैलता है, अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। लोगों को फूड चेन में वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। WHO की महामारी विशेषज्ञ मारिया वेन का कहना है कि चीन ने पैकेजिंग के सैकड़ों टेस्ट किए हैं। इस दौरान 10 से भी कम पैकेज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

WHO ने यह बयान चीन में ब्राजील से आए चिकन के पंख में कोरोना मिलने के बाद दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमरजेंसी प्रोग्राम हेड माइक रेयान के मुताबिक, लोगों को खाने और उसकी पैकिंग से डरने की जरूरत नहीं है।

WHO ने इसलिए दिया बयान
हाल ही में चीन ने ब्राजील से भेजे गए फ्रोजन चिकन के पंख में कोरोनावायरस मिलने का दावा किया है। पिछले हफ्ते यहां के यांताई शहर में इक्वाडोर से भेजी गईं समुद्री झींगा मछली भी संक्रमित मिलने की बात कही गई थी। चीन ने जून में ब्राजील समेत कुछ अन्य देशों से मीट इंपोर्ट रोक दिया था। हालांकि, बाद में इसे हटा लिया गया था।

शेनझेन के लोकल डिजीज कंट्रोल सेंटर (सीडीसी) ने नियमित जांच के दौरान ब्राजील से भेजे गए चिकन का सैंपल लिया था। जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि संक्रमित चिकन के संपर्क में आए कुछ लोगों और दूसरे प्रोडक्ट की भी जांच की गई, लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल ब्राजील ने इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है।

यह मामला सामने आने के बाद कई भ्रमित करने वाली खबरों के कारण WHO ने स्थिति साफ की।

वुहान के मीट मार्केट में चिकन बेच रही महिला की यह फोटो इस साल फरवरी की है। संक्रमण फैलने के बाद सरकार ने इस मार्केट को बंद करा दिया था।

जर्मनी में स्लॉटरहाउस के कारण बढ़े थे मामले
इससे पहले बीजिंग के शिनफैडी मार्केट में कोरोना वायरस मिला था। जब वायरस की जीन सीक्वेंसिंग की गई तो सामने आया कि इसकी उत्पत्ति यूरोपीय देश में हुई है। यहां से इस बात की चर्चा शुरू हुई कि वायरस फ्रोजेन फूड के जरिए फैल सकता है। जर्मनी में कोरोना के मामले ऐसे स्लॉटरहाउस के कारण बढ़े हैं, जहां मीट को कम तापमान पर स्टोर किया जाता था और इसे बाहर ट्रांसपोर्ट किया जाता था।

अभी और रिसर्च की जरूरत
कोल्ड चेन में कुछ वायरस लम्बे तक टिके रह सकते हैं। कुछ वायरस ऐसे भी हैं जो इसमें 20 साल से अधिक समय तक जिंदा रह सकते हैं अगर तापमान -20 डिग्री सेल्सियस हो। चीनी महामारी विशेषज्ञ ली लेंजुआन का कहना है कि कोरोना नए तरह का वायरस है, यह ठंडी जगह पर कितने दिन तक जीवित रहेगा, इस पर रिसर्च की जानी बाकी है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

शेनझेन सीडीसी ने दूसरे देशों के फूड प्रोडक्टस खाने में सावधानी बरतने की सलाह दी है। जून में चीन की राजधानी बीजिंग के शिनफैडी सीफूड मार्केट में संक्रमण के मामले सामने आए थे। इसके बाद से ही सरकार सभी फूड प्रोडक्ट्स का सैंपल लेकर उसका कोरोना टेस्ट करवा रही है।

वुहान के सी फूड मार्केट से संक्रमण फैलने की आशंका

चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में कोरोना महामारी फैली है। आशंका है कि संक्रमण यहां के सी फूड मार्केट से फैला था। इस मार्केट में चमगादड़ और सांप समेत कई तरह के जीवों का मीट बेचा जाता है। संक्रमण को लेकर विवाद बढ़ने के बाद चीन ने अपने यहां कई जानवरों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

महीनों पहले ठीक हुए 2 मरीज फिर संक्रमित

चीन से एक चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है। यहां महीनों पहले कोरोना संक्रमण को मात दे चुके 2 मरीजों की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई है। हुबेई में 68 साल की एक महिला में दिसंबर में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रविवार को उसकी रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई। दूसरा मामला शंघाई का है। यहां एक व्यक्ति अप्रैल में संक्रमित हुआ था और उसे सोमवार को दोबारा पॉजिटिव पाया गया। हालांकि, उसमें संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं।

दोबारा संक्रमित होने के कुछ ही मामले आए

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इन दोनों मरीजों के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को संक्रमित नहीं पाया गया है, लेकिन उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया है। बीते दिनों हुई कुछ स्टडीज में दावा किया गया कोरोना से ठीक हुए व्यक्तियों के शरीर में बनी एंटीबॉडी कुछ महीनों में तेजी से कम हो रही हैं। ऐसे लोगों के दूसरे बार संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, दोबारा संक्रमित होने के कुछ की मामले सामने आए हैं।

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